लखनऊःउत्तर प्रदेश की सरकार जहां सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान चला रही है वही विभागीय अधिकारी इस पूरे अभियान को पलीता लगाने में की कसर नही छोड रहे है। कुछ माह पहले रिपेयर की गई सड़क पर पैच लगाने के दौरान व बाद में गड्ढे जस के तस बने हुए है। पैच लगाने के नाम पर खानापूर्ति कर चलते बने विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, सड़क पहले भी गड्ढा युक्त थी और आज भी गड्ढा युक्त ही है।
बताते चलें, कि बादशाह नगर मेट्रो स्टेशन के पास की सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। करीब 2 माह पूर्व ही इस सड़क पर विभागीय रिपेयरिंग कर पैच लगाने का काम किया गया, किंतु सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है पूरी सड़क पर पहले भी गड्ढे थे और आज भी गड्ढे मौजूद हैं।
अलबत्ता वह गड्ढे अब बढ़कर बड़े गड्ढे के रूप में हो गए हैं जिनमें लोगों द्वारा ईंट पत्थर डालकर अपने वाहनों व साधनों को निकालने का प्रयास किया जाता है, विभाग का कोई भी अधिकारी पैच लगाने के काम के बाद शायद ही देखने गया हो। लोगों में रोस व्याप्त है। पैच लगाने की खानापूर्ति शायद कागज पर रोड रिपेयर हो गई है। परंतु यथा स्थिति जैस की तैस बनी हुई है। मौके का मुआयना कर यदि देख जाता है तो सड़क पर जहां पैच लगाया गया है। उसी के बगल में जो गड्ढा पहले था वह आज भी उसी तरह मौजूद है। बावजूद कर्मचारी तो कार्यपूर्ण कर चले गए, किन्तु आज तक कोई भी सक्षम विभागीय अधिकारी इस रोड की सुध लेने नहीं आया। अधिकरियों ने सड़क पर हुई रिपेयरिंग की गुणवत्ता तक परखने की जहमत नही उठाई।
लोगों को हो रही असुविधा के चलते क्षेत्रीय लोगों द्वारा सड़क पर बने गड्ढों में ईंट के टुकड़े डालकर अपने वाहन व साधनों को निकालना उनकी मजबूरी बन गई है। वही आसपास के ग स्कूल जाने वाले बच्चों को भी उन्हीं गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है जिससे भविष्य में सड़क पर बने गड्ढों की वजह से किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है।